स्वरांगी साने, पुणे

User banner image
User avatar
  • स्वरांगी साने, पुणे

Posts

मन और आत्मा का संगीत: भारतीय शास्त्रीय संगीत

ऐसी मान्यता है कि सृष्टि का उद्भव ‘ओम’ शब्द से हुआ। ओम का नाद ही इस समस्त चर अचर जगत के प्रादुर्भाव का कारण था।...

आखिर होता क्या है ‘ता थे ई’ करना ?

संसार का एक नियम है-एक में दो, दो में एक। आप आश्चर्य करेंगे कि यह कैसा नियम, इस बारे में तो कुछ नहीं पता। दरअसल...

सब तक संगीत की रस धार पहुँचे, सब हो जाएँ पार

‘खुसरो दरिया प्रेम का, जो उलटी वाकी धार, जो उभरा सो डूबा, जो डूबा सो पार ’… अमीर खुसरो जो स्वयं बड़े संगीतज्ञ भी थे,...

‘चक्र घूमा’.. हर बार नए अर्थों के साथ

‘मुरली की धुन सुन आई राधे’….यह उस कवित्त के बोल है, जिसे कथक सीखने के प्रारंभिक वर्षों में सीखा था…कवित्त अर्थात् कविता के बोलों को...