स्वरांगी साने, पुणे

User banner image
User avatar
  • स्वरांगी साने, पुणे

Posts

चक्रधर समारोह 2024: आलोचनाओं के घेरे में कला और कलाकारों का सम्मान

चक्रधर समारोह, भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की एक विशिष्ट परंपरा का प्रतीक है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महान शासक राजा चक्रधर सिंह की स्मृति...

सरगम मंदिर का ६०वाँ महाशिवरात्रि संगीत सम्मेलन

राजधानी के प्रतिष्ठित संगीत संस्थान ‘सरगम मंदिर’ की स्थापना स्वर्गीय पंडित जगदीश मोहन ने भारतीय कला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के जिस पावन उद्देश्य से...

संजय महाजन : सृजनात्मकता की चरैवेति

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, हर घटना के साथ सकारात्मकता और नकारात्मकता जुड़ी होती है यह आप पर निर्भर करता है कि आप...

तानसेन समारोह 2021: गमक में खिले सूफियाना संगीत के फूल

ग्वालियर। सूफी संगीत की एक अलग ही तासीर है। दरअसल सूफी संगीत सूफी संतों की पवित्र वाणियाँ हैं जो ख़ुदा और बंदे के बीच एक...

ईश्वर की अटरिया पर सविता ताई…

‘अँसुवन जल सींची-सींची प्रेम बेली बोई…’ मीरा का पद है, प्रेम की बेल को आँसुओं के जल से सींचा जाता है लेकिन जहाँ गुरू-शिष्य का...

गुरू बिन ज्ञान – कुछ ठोस कदम उठाने की सख्त आवश्यकता

‘गुरू बिन ज्ञान कहाँ से पाऊँ’… बैजू बावरा के इस गीत को गुनगुनाते हुए लगा कि आज के दौर में यह कितना सटीक है, है...

‘माधुरी जी आप बॉलीवुड डांस सिखाइए, कथक नहीं’

‘माधुरीजी आप बॉलीवुड डांस सिखाइए, कथक नहीं’ सिने जगत् की जानीमानी अदाकारा माधुरी दीक्षित को यह दो टूक राय दी है कथक नृत्यांगना एवं गुरु...

कथक की वरिष्ठतम गुरु कुमुदिनी लाखिया और उनकी सतत सृजनशीलता

आज, यानी सत्रह मई को नृत्य जगत अपनी प्यारी, सदाबहार ‘कुम्मीबेन’ (श्रीमती कुमुदिनी लाखिया) का नब्बेवां जन्मदिन मना रहा है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य ‘कथक’ में...

क्या शास्त्रीय संगीतकार ‘COVID19 पश्चात’ युग के लिए तैयार हैं?

केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के संगीतकारों का समुदाय अब COVID19 युग के बाद अपनी स्थिति और विपणन रणनीतियों पर पुनर्विचार और पुनर्बलित करने के...

विश्व नृत्य दिवस: कैसा होगा कोरोना पश्चात् नृत्य विश्व ?

कला का उद्भव, विकास होने के बाद जब-जब लगा है कि कला का पतन होने को है, तब-तब कला नए रास्ते खोजकर फिर उद्भव से...