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स्वरांगी साने, पुणे
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शास्त्रीय संगीत में होता है लगाव, न कि अलगाव
बार-बार यह सवाल उठता रहा है कि कला का असली मकसद क्या है? कला को कला के लिए होना चाहिए या कला का उद्देश्य समाज...
पुणे में कथक संध्या का आयोजन
पुणे शहर की संस्था नर्तन में कथक के लखनऊ घराने की खास नजाकत और तैयारी को तालीम पद्धति से सिखाया जाता है। कड़ी तालीम के...
सितारों की सितारा “कथक क्वीन सितारा देवी”
८ नवम्बर मेरी बेटी का जन्मदिन… वह भी कथक नृत्य सीखती है। मुझे मेरी माँ ने बहुत ८ नवम्बर मेरी बेटी का जन्मदिन… वह भी कथक...
अब मैं नाच्यो बहुत गोपाल
मैंने कथक सीखा उसी जतन से जिस जतन से कोई किसी भी कला फ़ॉर्म को सीखता है लेकिन वो मुझसे छूट गया वैसे ही जैसे...
साधना अकेले बैठकर ही करनी पड़ती है, जन समुदाय के बीच तो मेला लगता है
अ-अनार का, आ-आम का, इ-इमली की, ई-ईख की… बिल्कुल बच्चा जिस तरह से बारहखड़ी सीखता है आम लोगों के बीच, वैसे ही और उतना ही...
भारतीय शास्त्रीय संगीत आम होगा तभी खास होगा
हम भारतीय है और हमें भारतीय शास्त्रीय संगीत के बारे में जानकारी होना जरुरी है… पर सच क्या है बिलकुल कड़वा है… आम भारतीय अपने...
डॉ. तागड़े अमृत महोत्सव पर शिष्यों द्वारा शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति
यह अपने आप में अनुठा कार्यक्रम था जिसमें शिष्यों ने अपने गुरु डॉ. रमेश तागड़े का अमृत महोत्सव मनाया और उनके जीवन पर आधारित फिल्म...
कथक में ‘करियर’ करना है या कथक करना है?
किसी भी बड़े कलाकार की प्रस्तुति देखने जाते हैं तो आप प्रस्तुति देखते हैं या उसकी डिग्री? परफॉर्मिंग आर्ट तो रियाज़ माँगती है, डिग्री उसके...
यति माल सुनो सजन …
लगभग बीघा भर फैला लंबा परिसर हो, पास से नदी बहती हो और गुरु के सान्निध्य में सुबह से शाम केवल नृत्य की ही बात...
बाबा सीख लो.. ! फिर कोई नहीं बताएगा….
बीते दिनों विजया मेहता का नाटक ‘हमीदाबाई की कोठी’ देख रही थी, उसमें हमीदाबाई का एक संवाद है, “आवाज़ अल्लाह देता है, हर एक की...