Download Our App

Follow us

Home » Instrument » संगीत की नगरी ग्वालियर में बही लोकधारा: महाराज बाड़ा से निकली भव्य “कला यात्रा”

संगीत की नगरी ग्वालियर में बही लोकधारा: महाराज बाड़ा से निकली भव्य “कला यात्रा”

तानसेन समारोह की पूर्व संध्या पर संगीत की नगरी ग्वालियर में खूब लोकधारा बही। लुप्तप्राय चांचड़ लोकनृत्य, पारंपरिक सहरिया आदिवासी नृत्य, प्रसिद्ध कन्हैया गीत और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर केन्द्रित लोक संगीत में पगे एक से बढ़कर एक सुरीले लोकगीत। वहीं थाईलैण्ड से नृत्य कला-संगीत का पाठ पढ़ने आई बालिका द्वारा मन मोहक कत्थक नृत्य। मौका था तानसेन समारोह एवं ग्वालियर के पर्यटन को प्रोत्साहन करने के उद्देश्य से निकली कला यात्रा का।

इस कला यात्रा में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी आठ जिलों से आए लोक कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के जरिए ग्वालियरवासियों को पारंपरिक लोक गीत व नृत्यों से रूबरू कराया। संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना की पहल पर तानसेन समारोह की पूर्व संध्या पर महाराज बाड़ा से “कला यात्रा” निकाली गई।

महाराज बाड़ा स्थित विक्टोरिया मार्केट परिसर में सभी जिलों के लोक कलाकारों की पहली प्रस्तुति हुई, जिसमें दतिया जिले के कला जत्थे ने लुप्तप्राय चांचड़ नृत्य, शिवपुरी के कला दल ने पारंपरिक सहरिया नृत्य, गुना के कलाकारों ने ग्रामीण अंचल के प्रसिद्ध लोक नृत्य व ग्वालियर के कला दल ने कन्हैया गीत पेश किए। इसी तरह अशोकनगर, मुरैना, भिण्ड व श्योपुर जिले के लोक कलाकारों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित अपने यहां के पारंपरिक लोक गीत व नृत्यों का मनोहारी प्रदर्शन किया।  ग्वालियर के दल में शामिल राजा मानसिंह तोमर कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के बच्चों ने लंगुरिया सहित अन्य लोक गीतों का हृदय स्पर्शी मिश्रण पेश कर समा बांध दिया। संगीत विश्वविद्यालय में अध्ययनरत थाईलैंड की बालिका द्वारा प्रस्तुत कत्थक नृत्य देखते ही बना।

कला यात्रा में शामिल सभी जिलों के कला जत्थे बारी-बारी से आगे बढ़े और महाराज बाड़ा की तरह गोपाचल, फूलबाग व लोको रोड़ पर अपनी कलाओं का प्रदर्शन करते हुए “गमक” आयोजन स्थल पर पहुँचे। कला यात्रा के शुभारंभ अवसर पर संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना एवं नगर निगम आयुक्त श्री किशोर कान्याल सहित तानसेन समारोह की स्थानीय समिति के सदस्यगण मौजूद थे।

किलागेट से नृत्य करते हुए पहुँचे लोक कलाकार

शहरवासियों को तानसेन समारोह का न्यौता देने निकले लोक कलाकारों ने भी अपने नृत्य से खूब लोकधारा बहाई। महाराज बाड़ा के अलावा एक कला यात्रा ऐतिहासिक किलागेट से निकली। यात्रा में शामिल लोक कलाकार नृत्य करते हुए पूर्वरंग “गमक” कार्यक्रम स्थल इंटक मैदान पहुँचे। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों ने माहौल को और भी मनमोहक बना दिया।

Leave a Comment

7k network
Breath and Rahiman

Interesting And Unique Dance Productions

Two unusual and unique dance productions “Breath” and “Rahiman” were presented at the Prabodhankar Thackeray auditorium last week by talented

error: Content is protected !!